संसदीय प्रक्रिया
संसदीय समिति की प्रक्रियाओं में योगदान, जिनमें वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 से जुड़ा कार्य भी सम्मिलित है।
अधिवक्ता, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठराज्य विधि अधिकारी, उत्तर प्रदेश सरकारManaging Partner, DAD Law Offices
न्यायालय में संविधान की निष्ठा, जनमानस के बीच नीति की स्पष्टता।
सिद्धार्थ शंकर दुबे एक अधिवक्ता हैं, जो मुख्यतः इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में तथा उत्तर प्रदेश भर के जिला न्यायालयों, अधिकरणों और नियामक प्राधिकरणों के समक्ष विधि व्यवसाय करते हैं। वे DAD Law Offices के Managing Partner हैं, जो लखनऊ स्थित वह विधिक संस्थान है जिसका वे नेतृत्व करते हैं।
उनके कार्य में लोक विधि की गहरी समझ और व्यापक निजी विधिक अभ्यास का संगम है। सार्वजनिक प्राधिकरणों, स्थानीय निकायों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ साथ निगमों, वित्तीय संस्थाओं, स्टार्टअप और व्यक्तियों को परामर्श देने तथा उनका पक्ष रखने के अनुभव के कारण वे राज्य के साथ विवादों को न्यायालय के दोनों पक्षों से समझते हैं। संवैधानिक विधि और वैकल्पिक विवाद समाधान उनकी विशेषज्ञता के मूल क्षेत्र हैं।
न्यायालय से परे वे विधि और लोकनीति पर लिखते और बोलते हैं, लोकनीति में स्नातकोत्तर उपाधि धारण करते हैं, तथा व्यावसायिक मंचों और विधिक शिक्षा में सक्रिय सहभागिता रखते हैं। सार्वजनिक जीवन में वे शासन, राष्ट्रहित और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े प्रश्नों पर एक सजग और मुखर आवाज़ हैं, और अपनी बात विधि, तर्क तथा संस्थाओं के माध्यम से रखते हैं।
विधिक प्रतिनिधित्व कोई लेनदेन नहीं है। यह एक उत्तरदायित्व है।
संवैधानिक वैधता, प्रशासनिक कार्रवाई और राज्य की शक्ति की सीमाओं से जुड़े प्रश्न।
राज्य की मनमानी, अवैध या अनुपातहीन कार्रवाई के विरुद्ध अनुच्छेद 226 के अंतर्गत याचिकाएँ।
नियुक्ति, पदोन्नति, अनुशासनात्मक कार्यवाही और सेवा लाभ।
निविदाएँ, अनुबंध निरस्तीकरण, काली सूची में डालना एवं प्रतिबंध, तथा सार्वजनिक प्राधिकरणों से बकाया की वसूली।
दीवानी और वाणिज्यिक न्यायालयों में संविदा, संपत्ति और व्यावसायिक विवाद।
स्वामित्व, विकास अनुबंध तथा प्रवर्तकों और गृह क्रेताओं से जुड़े नियामकीय मामले।
आर्थिक और नियामकीय अपराधों में प्रतिरक्षा, जहाँ तैयारी दाँव के अनुरूप होती है।
संस्थागत और तदर्थ मध्यस्थता, जहाँ विवाद अनुमति दे वहाँ समाधान को प्राथमिकता।
संसदीय समिति की प्रक्रियाओं में योगदान, जिनमें वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 से जुड़ा कार्य भी सम्मिलित है।
संवैधानिक और विधिक प्रश्नों पर समाचार चैनलों की चर्चाओं में नियमित सहभागिता।
संवैधानिक विषयों पर लेख, सह लेखन सहित, जो बिज़नेस स्टैंडर्ड जैसे प्रकाशनों में प्रकाशित हुए हैं।
अध्ययन फ़ाउंडेशन फ़ॉर पॉलिसी एंड रिसर्च के संस्थापक सलाहकार।
अवध, उत्तर प्रदेश के प्रदेश सचिव, अधिवक्ताओं के एक संगठन में।
लखनऊ विश्वविद्यालय तथा अमिटी विश्वविद्यालय में मूट कोर्ट पैनल के सदस्य, और वैकल्पिक विवाद समाधान से जुड़े मंचों में सहभागी।
हलाल अर्थव्यवस्था, प्रमाणन और नियामकीय जवाबदेही की चुनौतियाँ
सिद्धार्थ शंकर दुबे और शशांक शेखर सिंह की पुस्तक
सुब्बू पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रकाशित।
दुबे एंड दुबे लॉ ऑफिसेज़ लखनऊ में मुख्यालय वाली एक पूर्ण सेवा विधिक संस्था है, जिसके चैंबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में हैं। यह उत्तर प्रदेश और उससे परे व्यक्तियों, परिवारों, स्टार्टअप, उद्यमों और संस्थाओं की सेवा करती है।
देखें dadlawoffices.co.inचैंबर संख्या 470, एजी ब्लॉक
उच्च न्यायालय, लखनऊ
दुबे एंड दुबे लॉ ऑफिसेज़
5सी/25, वृंदावन योजना 1, सेक्टर 5
लखनऊ, उत्तर प्रदेश 226029